राजेश गुलाटी ने अनुपमा गुलाटी के 72 #टुकड़े किए और D फ्रीजर में रक्खा आफताब ने श्रद्धा के 35 टुकड़े

آل سعود.. میں سر "پرسی کاکس" کو "ہزار بار" تسلیم کرتا ہوں اور اعتراف کرتا ہوں.. برطانیہ کا نمائندہ۔ مجھے فلسطین کو غریب یہودیوں یا دوسروں کو دینے میں کوئی اعتراض نہیں جیسا کہ برطانیہ مناسب سمجھتا ہے

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  اصل غدار اور سینگ کون ہے؟! اردن یا سعودی عرب؟! فلسطین سے استثنیٰ کی دستاویز کا متن: میں، سلطان عبدالعزیز بن عبدالرحمن آل سعود.. میں سر "پرسی کاکس" کو "ہزار بار" تسلیم کرتا ہوں اور اعتراف کرتا ہوں.. برطانیہ کا نمائندہ۔ مجھے فلسطین کو غریب یہودیوں یا دوسروں کو دینے میں کوئی اعتراض نہیں جیسا کہ برطانیہ مناسب سمجھتا ہے، میں قیامت آنے تک اس کی رائے سے انحراف نہیں کرتا۔ سوال: جزیرہ نمائے عرب کا بادشاہ ماننے کے لیے کس نے عرب سرزمین یہودیوں کے حوالے کی؟ وہ دہشت گرد ریاست جو اسرائیل ہے۔ 1963 سے لبنانی روزنامہ المحرر کی ایک سرخی جس میں بتایا گیا ہے کہ اسرائیل نے پارسل بم کے ذریعے چھ مصری سائنسدانوں کو قتل کیا تھا۔ اسرائیلی دہشت گردی کی ایک طویل تاریخ۔

कभी जीजा कभी भाई कभी फुला ने किया बलात्कार यह कहानी सभ्य समाज सनातनी की है जिनके बलात्कारियों नाम और पता छुपा दिये जाते हैं जो समाज बलात्कारियों के लिए तिरंगा यात्रा निकलता है आंदोलन करता है

 

ग्राउंड रिपोर्ट7 साल में 4 बार रेप… 3 बार गर्भवती हुई:जीजा रेप करता, भाई गलत जगह छूता; बुआ बोलती कि जीजा-साली में ये सब चलता है

एक दिन पहलेलेखक: रक्षा सिंह

एक लड़की, उम्र करीब 25 साल, जिसके साथ उसके जीजा ने 7 साल तक रेप किया। बुआ का लड़का भी उसे गलत जगह छूता, घटिया बातें करता। लड़की इन सात सालों में 3 बार गर्भवती हुई। पेट दर्द करता, वो चीखती-चिल्लाती तो बुआ दर्द की दवा बताकर कोई दवा खिला देती। इससे दर्द शांत भी हो जाता। लड़की को बाद में पता चला कि वो दर्द की नहीं एबॉर्शन की दवा है।

बच्ची के पिता जेल में बंद थे इसलिए वो ये सब सालों तक बर्दाश्त करती रही। जब पिता बाहर आए तब पूरी बात उन्हें बताई और 2 नवंबर 2021 को आरोपियों पर FIR दर्ज हुई। बच्ची का जीजा डेढ़ महीने तक जेल में बंद भी रहा। लेकिन उसके बाद उसे जमानत मिल गई। पीड़िता का कहना है कि जीजा के कई वकीलों और नेताओं तक अच्छी पहुंच है, जिसका इस्तेमाल करके वो बाहर आ गया। पीड़िता आज भी इंसाफ के लिए कोर्ट में लड़ाई लड़ रही है।

क्या है उसकी पूरी कहानी? उन सात सालों में उसके साथ क्या-क्या हुआ? यह सब जानने के लिए हमने पीड़िता से मुलाकात की। चलिए पीड़िता की पूरी कहानी पन्ने दर पन्ने जानते हैं…

6 साल की थी तब मां की मौत हो गई, पिता ने दूसरी शादी कर ली
जैसे ही हम लड़की के घर लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र पहुंचे वो बाहर आती है। लंबी कद काठी, गुलाबी सूट में लाल दुपट्टा ओढ़े हुए। उसे देखते ही मन में ख्याल आया कि ये वही लड़की है जिसके साथ 7 साल तक लगातार बदसलूकी हुई।

जब हमने पीड़िता से बातचीत करनी शुरू की तो उसने सबसे पहले अपनी मृत मां का जिक्र किया। उसने बताया कि साल 2004 की बात है। मेरी उम्र करीब 6 साल रही होगी। घर के बाहर मैं, मेरे दो भाई और बहन साथ में खेल रहे थे। थककर जब अंदर आए तो देखा कि मां लेटी हुई है। आमतौर पर वो दिन में आराम नहीं करतीं थीं। हमने आवाज लगाई, उठाया तो पैरों तले जमीन खिसक गई। मां हमें छोड़कर हमेशा के लिए चली गई थी। वो काफी लंबे वक्त से बीमार थी।

कुछ दिन तो हम दिन रात मां को याद करके रोते रहते थे। फिर पापा ने हमें समझाया। कुछ दिन हम नानी के घर रहे। जब अपने घर वापस आए तो पापा ने हमारी पूरी जिम्मेदारी उठा ली। दो साल जैसे-तैसे कटे लेकिन अब बहुत मुश्किल हो रही थी। हम सब बहुत छोटे थे, पापा हमें भी संभालते और काम पर भी जाते। इसलिए रिश्तेदारों ने कहा कि पापा को दूसरी शादी कर लेनी चाहिए। उन्होंने मां की एक रिश्तेदार से ही शादी कर दी। करीब 6 साल तक सब ठीक था। फिर एक दिन पापा पर एक मुकदमा लगा दिया गया। पापा दोषी थे या नहीं मुझे नहीं पता लेकिन उन्हें जेल हो गई।

बुआ घर ले गईं, स्कूल में एडमिशन कराया लेकिन जाने नहीं देती
लड़की ने बताया कि पापा को जेल हो गई तब हमारी बुआ घर आईं। उन्होंने मेरी दूसरी मां से कहा कि तुम्हारे अपने भी बच्चे हैं, तुम सबको साथ में कैसे पालोगी। इसलिए मुझे और मेरे छोटे भाई को बुआ ने अपने साथ ले जाने की बात कही। उन्होंने कहा वो बीमार रहती हैं तो मैं उनका ध्यान भी रखूंगी साथ ही वहां मेरी पढ़ाई भी अच्छे से हो जाएगी।

मेरी दूसरी मां को भी लगा कि पापा नहीं हैं तो वो अकेले हमें कैसे पालेंगी। इसलिए उन्होंने हम दोनों को बुआ के साथ भेज दिया और मेरे बाकी भाई-बहन और बच्चों को लेकर अपनी मां के घर चली गईं। इधर हम बुआ के घर पहुंच गए। बुआ के दो लड़के और एक लड़की थी। लड़की की शादी हो चुकी थी। उनके घर में कुछ दिन तो सब ठीक था। मेरा भाई बाहर से सामान लाता और फूफाजी का काम देखता था और मैं घर का चौका-बासन करती, बुआ का भी ध्यान रखती।

मुझे पढ़ना पसंद था तो बुआ ने स्कूल में मेरा एडमिशन करवा दिया। यह स्कूल बुआ के किसी जानने वाले का ही था। इसलिए कुछ दिन तो मैं स्कूल गई फिर बुआ कोई ना कोई काम का बहाना करके रोक देती। बुआ कहती कि वो स्कूल उनके रिश्तेदार का है इसलिए वहां रोज जाना जरूरी नहीं है। मैं बस महीने में 2-4 दिन ही स्कूल जा पाती थी।

बुआ ने उसी कमरे में सोने के लिए भेजा जहां जीजा सो रहे थे
अब वो लड़की बस घर का काम संभालती और बुआ के घर में सबकी देख रेख करती। वो बताती है कि कुछ दिनों के लिए वो अपने भाई-बहन और मां से मिलने आई थी। 4-5 दिन बाद बुआ ने जीजा को मुझे वापस अपने घर बुलाने के लिए भेज दिया। बुआ ने मां से कहा कि उनके बड़े बेटे का तिलक है, मैं घर पर रहूंगी तो काम में मदद हो जाएगी। मां ने जीजा के साथ वापस भेज दिया।

जीजा रास्ते में कई बार मुझे गलत जगह छूते, मुझसे अश्लील बातें कर रहे थे लेकिन मैं इतनी नासमझ थी कि कुछ समझ नहीं पाई। हम घर पहुंचे। मैं बहुत खुश थी कि अगले दिन भाई का तिलक है, लेकिन नहीं पता था कि वो मेरी जिंदगी का सबसे दर्दनाक दिन होने वाला है। रात में कमरों में सबके सोने के लिए गद्दे बिछाए गए। सब अपनी जगह पर लेट गए तो जीजा बाहर आए, बोले कि मेरे सिर में दर्द हो रहा है।

बुआ ने मुझे वो कमरा दिखाया जहां जीजा सोने वाले थे और बोलीं कि वहां जाओ, जीजा का सिर दबा दो और तुम उसी कमरे में सो जाना। मैं कमरे में गई। वहां दो बूढ़ी दादी पहले से लेटी हुईं थीं। जीजा का सिर दबाया फिर मुझे प्यास लगी तो मैं पानी पीने के लिए बाहर जाने लगी। तभी जीजा बोले कि पानी यहां रखा है वही पी लो। यह बोलकर उन्होंने मुझे एक बोतल दी। मैंने पानी पिया और लेट गई।

सुबह उठी तो मेरे कपड़े अलग पड़े हुए थे

सुबह हुई… जब मैं सोकर उठी तो सिर भारी-भारी सा लग रहा था। शरीर में भारीपन था। मेरे शरीर पर कोई भी कपड़ा नहीं था। मेरा सलवार-सूट पास में पड़ा था। मुझे बस एक पतली सी चादर से ढक दिया गया। वो दोनों बूढ़ी दादियां जो कमरे में सो रहीं थीं, वो भी कमरे में नहीं थीं। मेरे प्राइवेट पार्ट्स में बहुत तेज दर्द हो रहा था।

मैं तुरंत उठी, फटाफट कपड़े पहने। काफी देर तक कुछ समझ ही नहीं आया कि मेरे साथ क्या हुआ है। रात की यादें बहुत धुंधली थी। मुझे शक हुआ कि जीजा ने ही मेरे साथ बदतमीजी की है। उन्होंने मुझे रात में जो पानी दिया उसे पीकर ही मुझे बेहोशी जैसा लगने लगा था।

बुआ ने कहा, जीजा साली में तो ये सब चलता रहता है
लड़की बताती है कि मैं उठी और तुरंत बुआ के पास भागी। घर में तिलक था तो रिश्तेदार आने लगे थे। बुआ के आस-पास कई लोग थे। बुआ भी काम में लगीं थीं। उस दिन उनको कुछ बता पाना मुश्किल था। मैंने तिलक होने तक उनसे कुछ नहीं कहा। अगले दिन मैंने बुआ को अकेले में बुलाया। मुझे लगा कि वो मेरी मां जैसी हैं इसलिए मेरी बात को समझेंगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

बुआ को जब मैंने सारी बात बताई तो उन्होंने हंसकर कहा, “मजाक भी नहीं समझती। वो तेरे जीजा हैं और जीजा साली के रिश्ते में यह सब चलता रहता है।” कुछ देर तक मुझे समझ ही नहीं आया कि बुआ ने क्या कहा है। मैं कुछ सोच पाती तबतक बुआ बोलीं कि यह सब भूल जाओ और बाहर किसी को ये बात नहीं बताना वरना तुम्हारे ऊपर लोग शक करेंगे। मैंने भी डर की वजह से ये किसी को नहीं बताया।

भाई को बताया तो उसने भी छेड़छाड़ करना शुरू कर दिया
भाई को बताया तो उसने तो साथ दिया होगा? यह सवाल पूछने पर पीड़िता तेज आवाज में ऐसे बोलती है जैसे मैंने कुछ गलत पूछ लिया हो। एकदम से उसकी आंख में आंसू भर जाते हैं। वो कहती है दीदी वहां सब एक दूसरे से मिले हुए थे।

जब मैंने यह बात भाई को बताई उस दिन के बाद से वो भी मुझे गलत जगह छूने लगा। वो बाहर रहकर नौकरी करता था। लेकिन जब भी घर आता किसी ना किसी बहाने से मुझे इधर-उधर छूने की कोशिश करता। वो कहती, “दीदी मैंने 7 साल ये सब झेला है।”

7 साल में तीन बार प्रेग्नेंट हुई, बुआ ने एबॉर्शन करा दिया

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